Gk question in hindi सामन्य ज्ञान के प्रश्न हिंदी में

 भारत के समान्य ज्ञान से सम्बंधित कुछ अबाश्यक प्रश्न  अधिक जानने के लिए  निचे दिए गए वीडियो पर क्लीक करो 👇👇

पंडित जवाहरलाल नेहरू- पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीबन के बारे में - भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू

 पंडित जवाहरलाल नेहर 

पंडित पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। उनके जीवन के विषय में विस्तार से जानते हैं।

1. बचपन और शिक्षा


जन्म: 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में एक समृद्ध कश्मीरी ब्राह्मण परिवार में हुआ।


पिता: मोतीलाल नेहरू, एक प्रसिद्ध वकील और कांग्रेस नेता थे।




. कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर नजर डालें:


प्रारंभिक जीवन और शिक्षा


पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर, 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। उनके पिता का नाम पंडित मोतीलाल नेहरू और माता का नाम स्वरूप रानी था। नेहरू जी ने अपनी शिक्षा हैरो स्कूल, ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज और इनर टेंपल में प्राप्त की।
शिक्षा: नेहरू की प्रारंभिक शिक्षा घर पर हुई। बाद में वे इंग्लैंड गए जहाँ उन्होंने हैरो स्कूल, फिर ईटन कॉलेज और फिर कैंब्रिज विश्वविद्यालय से स्नातक किया।

कानून की पढ़ाई: उन्होंने लंदन के इनर टेम्पल से कानून की पढ़ाई पूरी की और 1912 में भारत लौट आए।

 भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में योगदान (1947-1964)


15 अगस्त 1947 को भारत के आज़ाद होने के बाद वे भारत के पहले प्रधानमंत्री बने।

उन्होंने औद्योगिक विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान, बड़ी सिंचाई परियोजनाएं, और शिक्षा को प्राथमिकता दी।

उन्होंने IITs, AIIMS, और ISRO जैसी संस्थाओं की नींव रखी।

उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत किया और एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य की नींव डाली।



राजनीतिक जीवन


नेहरू जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होकर अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। वे महात्मा गांधी के अनुयायी थे और भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में सक्रिय रूप से भाग लिया।
राजनीतिक जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका

नेहरू 1919 में महात्मा गांधी के संपर्क में आए और उनके विचारों से प्रेरित होकर राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने लगे।

उन्होंने 1920 के असहयोग आंदोलन, 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन, और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नेहरू को कई बार ब्रिटिश सरकार द्वारा जेल भेजा गया; उन्होंने कुल 9 बार जेल यात्राएं कीं।


 विदेश नीति और गुटनिरपेक्ष आंदोलन


नेहरू ने स्वतंत्र भारत की विदेश नीति “गुटनिरपेक्षता” (Non-Aligned Movement - NAM) के सिद्धांत पर आधारित की।

उन्होंने न तो अमेरिका न ही सोवियत संघ के खेमे में शामिल होकर एक स्वतंत्र मार्ग अपनाया।

चीन के साथ युद्ध (1962) ने उनकी विदेश नीति की काफी आलोचना करवाई, लेकिन उनकी शांति की नीति को वैश्विक सम्मान मिला।





नेहरू की किताबें और लेखन कार्य


नेहरू ने कई प्रसिद्ध किताबें लिखीं:


“Discovery of India” (भारत एक खोज): भारत के इतिहास और संस्कृति की एक गहरी झलक।

“Glimpses of World History” (विश्व इतिहास की झलक): यह उन्होंने जेल में अपनी बेटी इंदिरा को पत्र लिखते हुए लिखा था।

“Letters from a Father to His Daughter” (पिता के पत्र पुत्री के नाम): बच्चों के लिए सरल भाषा में विज्ञान और इतिहास पर आधारित।


महत्वपूर्ण भूमिकाएँ


नेहरू जी ने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं:

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष:

 नेहरू जी ने 1929, 1936 और 1946 में कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर कार्य किया।

भारत के पहले प्रधानमंत्री: 

नेहरू जी 1947 में भारत के पहले प्रधानमंत्री बने और 1964 में अपनी मृत्यु तक इस पद पर रहे।

नीतियाँ और उपलब्धियाँ


नेहरू जी की नीतियों और उपलब्धियों में शामिल हैं:

समाजवादी अर्थव्यवस्था:

 नेहरू जी ने समाजवादी अर्थव्यवस्था की स्थापना के लिए काम किया।

पंचवर्षीय योजनाएँ:

 नेहरू जी ने पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य भारत की आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी:

 नेहरू जी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति के लिए काम किया।

विदेश नीति: 

नेहरू जी ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

व्यक्तिगत जीवन


नेहरू जी का व्यक्तिगत जीवन भी बहुत रोचक है। उनकी बेटी इंदिरा गांधी भी आगे चलकर भारत की प्रधानमंत्री बनीं।



बच्चों से लगाव – ‘चाचा नेहरू’


नेहरू बच्चों को बहुत पसंद करते थे और उनका मानना था कि बच्चे देश का भविष्य हैं।

बच्चे उन्हें “चाचा नेहरू” कहकर पुकारते थे।

उनके जन्मदिन (14 नवंबर) को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।



मृत्यु और विरासत


नेहरू का निधन 27 मई 1964 को दिल का दौरा पड़ने से हुआ।

वे लगभग 17 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे – आज भी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री हैं।

उनकी विरासत आज भी भारत की संस्थाओं, लोकतंत्र, और विदेश नीति में देखी जा सकती है।

पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु 27 मई, 1964 को दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।

नेहरू जी के जीवन और उनकी नीतियों ने भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार और आदर्श आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारत में कुल कितनी नदियां हैं उनके नाम -भारत में कुल कितनी नदियां हैं

भारत में कितनी भाषाएँ बोली जाती?